शिव मारुती ज्वेलर्स

GYAN GANGA INTERNATIONAL PUBLIC SCHOOL

रामबाबु यादव , गजल ।

मित्रताके हाथ कनिक, नरम हेबाक चाहिँ
आपतिमे हाथ कनिक, गरम हेबाक चाहिँ

शुभकामना

HATIDHA COTTAGE & RESORT LAHAN-15,HATIDHA SIRAHA

पापी मन मात्र पाप, सोंचिते रहिजायत छै
पापियोमे कहियो काल, धरम हेबाक चाहिँ

असल मित्रकें मात्र गपेटा नै, व्यबहार आ
दु:खमे सहयोगी सन , करम हेबाक चाहिँ

दु गो आत्माकें मित्रतामे,भरत सन भाइ आ
प्रभु ! रामचन्द्र जेहन , चरण हेबाक चाहिँ

राम केइ हाथ अछि अगा, मित्रता लेल
बस अहाँमें नै कनिको ,भरम हेबाक चाहिँ

२०७९ कार्तिक ४, शुक्रबार ०८:३७

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