मोहन महतो कोइरी, गौशाला ।
हमर हक,हमर अधिकार ददेब भजेतै ।
हमरा हमर हिस्साके प्यार ददेब भजेतै ।
शुभकामना

हम आओर किछ नै मागब बेसि अहाँस
कनिए ममता,कनि दुलार ददेब भजेतै ।
साथ मगैछी सबदिन जाबे धरि साँस है ।
सेनुर लायव हम अहाँ कपार ददेब भजेतै ।
माथ नै अहाँके जीवन खुसीस भरि देब
फेर कहैछी साथ बारम्बार ददेब भजेतै ।
बाप,दादा बनके “मोहनो” के मोन है ।
बस एकटा सुन्दर परिवार ददेब भजेतै ।
मोहन महतो कोईरी
ई सदा जिनगी के रंगिन करलेल अहीँके तलास छै ।।।














